CBSE दो बार वार्षिक बोर्ड परीक्षा और वैश्विक पाठ्यक्रम शुरू करेगा

नई दिल्ली, 19 फरवरी 2025 – केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) 2026-2027 शैक्षणिक सत्र से अपनी परीक्षा प्रणाली और पाठ्यक्रम में बड़े बदलाव करने की योजना बना रहा है। इन सुधारों में कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करना और विदेशी संबद्ध स्कूलों के लिए एक वैश्विक पाठ्यक्रम शुरू करना शामिल है।

साल में दो बार बोर्ड परीक्षा

2026 से, CBSE कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षाएं साल में दो बार आयोजित करेगा। छात्रों को दो बार परीक्षा देने और अपने सर्वोत्तम अंक सुरक्षित रखने का अवसर मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य परीक्षा से संबंधित तनाव को कम करना और छात्रों को अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए कई अवसर प्रदान करना है। यह निर्णय राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के साथ मेल खाता है, जो लचीलेपन और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण पर जोर देता है।

बोर्ड इस बदलाव को लागू करने के विभिन्न विकल्पों पर विचार कर रहा है, जिसमें सेमेस्टर प्रणाली के तहत जनवरी-फरवरी और मार्च-अप्रैल में परीक्षाएं आयोजित करना या जून में एक सुधार परीक्षा आयोजित करना शामिल है। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के लिए एक सहयोगी शिक्षण वातावरण तैयार करना है, जिससे वे चिंता या बीमारी जैसी चुनौतियों के बावजूद अपनी क्षमताओं को बेहतर ढंग से प्रदर्शित कर सकें। इस नई योजना का प्रारूप जल्द ही CBSE द्वारा सार्वजनिक परामर्श के लिए प्रस्तुत किया जाएगा।

विदेशी स्कूलों के लिए वैश्विक पाठ्यक्रम

परीक्षा प्रणाली में बदलाव के अलावा, CBSE 2026-2027 सत्र से अपनी 260 विदेशी संबद्ध स्कूलों के लिए एक वैश्विक पाठ्यक्रम भी शुरू करेगा। इस पाठ्यक्रम का उद्देश्य मुख्य भारतीय विषयों को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के साथ जोड़ना है, जिससे छात्रों को वैश्विक शिक्षा प्राप्त करने के साथ-साथ भारतीय मूल्यों से जुड़े रहने का अवसर मिलेगा। यह नई पहल CBSE की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

बैठकें और विचार-विमर्श

हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने CBSE अधिकारियों, राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT), केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS) और वैश्विक स्कूलों के प्रतिनिधियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में CBSE वैश्विक पाठ्यक्रम को लागू करने की प्रक्रिया और उसकी संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की गई।

अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा में CBSE की पिछली पहल

यह पहली बार नहीं है जब CBSE ने अंतर्राष्ट्रीय पाठ्यक्रम पेश किया है। 2010 में, CBSE ने विदेशों में रहने वाले भारतीय छात्रों की जरूरतों को पूरा करने के लिए CBSE इंटरनेशनल (CBSE-i) पाठ्यक्रम लॉन्च किया था। इस पाठ्यक्रम में वैश्विक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया गया था, जिसमें आलोचनात्मक और रचनात्मक सोच, अनुसंधान उन्मुखता और प्रभावी संचार को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था।

CBSE की ये नई पहल भारतीय शिक्षा प्रणाली को अधिक लचीला और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेगी, जिससे छात्रों को आधुनिक दुनिया की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी।

Share on Google Plus

Editor - न्यूज डेस्क, नई दिल्ली. Mob- 8800256688

ग्राम समाचार से आप सीधे जुड़ सकते हैं-
Whatsaap Number -8800256688
E-mail - gramsamachar@gmail.com

* ग्राम समाचार का संवाददाता बनने के लिए यहां क्लिक करें

* ग्राम समाचार के "खबर से असर तक" के राष्ट्र निर्माण अभियान में सहयोग करें। ग्राम समाचार एक गैर-लाभकारी संगठन है, हमारी पत्रकारिता को सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए आर्थिक मदद करें।
- राजीव कुमार (Editor-in-Chief)

    Blogger Comment
    Facebook Comment

0 comments:

एक टिप्पणी भेजें