Reliance से डील पक्की ! बैटरी मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा, PLI स्कीम के तहत 10 GWh की मेगा डील


नई दिल्ली, 18 फरवरी, 2025: भारत के उन्नत बैटरी निर्माण क्षेत्र को एक बड़ी सफलता मिली है! भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) ने रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी लिमिटेड (Reliance Industries Limited की एक सहायक कंपनी) के साथ एडवांस केमिस्ट्री सेल (ACC) योजना के तहत प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना के तहत एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। इसका मतलब है कि रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी लिमिटेड 10 GWh क्षमता वाली बैटरी बनाएगा। यह कदम भारत में बैटरी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा।

बैटरी बनाने का रास्ता, PLI स्कीम का कमाल:

सरकार की PLI योजना का लक्ष्य 50 GWh की कुल क्षमता हासिल करना है। इस योजना के तहत अब तक 40 GWh क्षमता आवंटित की जा चुकी है। इस कदम से भारत में बैटरी निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।

क्या है PLI स्कीम?:

यह योजना घरेलू बैटरी निर्माताओं को प्रोत्साहित करने और उच्च तकनीक वाले निर्माण को बढ़ावा देने के लिए बनाई गई है। यह योजना स्थानीय मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देती है और भारत में बैटरी निर्माण की लागत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाती है।

बदलाव, जो बदलेगा भविष्य:

वित्त वर्ष 2025-26 के बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण क्षेत्रों को समर्थन देने पर ज़ोर दिया गया है। बजट में EV बैटरी निर्माण के लिए 35 अतिरिक्त पूंजीगत वस्तुओं पर बुनियादी सीमा शुल्क (BCD) में छूट दी गई है, जिससे भारत में लिथियम-आयन बैटरी के उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा।

भारी उद्योग मंत्रालय (MHI) नवाचार को बढ़ावा देने, एक मजबूत घरेलू आपूर्ति श्रृंखला बनाने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत सरकार की यह पहल भारतीय सेल निर्माताओं के लिए सेल निर्माण सुविधाएं स्थापित करने के लिए एक उत्प्रेरक के रूप में कार्य करती है। PLI योजना के अलावा, 10 से अधिक कंपनियों ने पहले ही 100+ GWh अतिरिक्त क्षमता स्थापित करना शुरू कर दिया है।

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