बस्तर : छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने आज दो अलग-अलग मुठभेड़ों में प्रतिबंधित CPI (माओवादी) के 30 सदस्यों को मार गिराया। बीजापुर जिले में 26 नक्सलियों को ढेर किया गया, जबकि कांकेर जिले में चार माओवादी मारे गए। सुबह 7:00 बजे शुरू हुई गोलीबारी में जिला रिजर्व गार्ड (DRG) इकाई का एक जवान भी शहीद हो गया। यह ऑपरेशन बीएसएफ और डीआरजी की संयुक्त टीम द्वारा चलाया गया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सुरक्षा बलों की सफलता की सराहना करते हुए मोदी सरकार के "कठोर दृष्टिकोण" और नक्सलियों के प्रति "शून्य-सहिष्णुता नीति" पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि देश अगले साल 31 मार्च तक नक्सलवाद मुक्त बनने की ओर अग्रसर है।
इसी दिन एक अलग घटना में, छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले में नक्सलियों द्वारा इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) विस्फोट करने पर सुरक्षा बलों की एक टीम बाल-बाल बच गई। हालांकि कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन दो पुलिसकर्मियों को इलाज के लिए निकाला गया। इन घटनाओं से पहले, मंगलवार को सुकमा जिले में तीन नक्सलियों ने माओवादी विचारधारा से मोहभंग होने का हवाला देते हुए सुरक्षाकर्मियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था।
विस्तृत जानकारी:
- बीजापुर मुठभेड़: सुरक्षा बलों को बीजापुर जिले के जंगलों में नक्सलियों की बड़ी मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद, बीएसएफ और डीआरजी की संयुक्त टीम ने इलाके में तलाशी अभियान शुरू किया। सुबह 7:00 बजे नक्सलियों ने सुरक्षा बलों पर गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद मुठभेड़ शुरू हो गई। कई घंटों तक चली मुठभेड़ में 26 नक्सली मारे गए। इस मुठभेड़ में डीआरजी का एक जवान भी शहीद हो गया।
- कांकेर मुठभेड़: कांकेर जिले में भी सुरक्षा बलों ने नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया। इस ऑपरेशन में चार माओवादी मारे गए।
- नारायणपुर में IED विस्फोट: नारायणपुर जिले में नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर IED विस्फोट किया। हालांकि, सुरक्षा बलों को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन दो पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें आईं।
- सुकमा में आत्मसमर्पण: सुकमा जिले में तीन नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया। उन्होंने माओवादी विचारधारा से मोहभंग होने की बात कही।
गृह मंत्री की प्रतिक्रिया:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इन ऑपरेशनों की सफलता पर सुरक्षा बलों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकार नक्सलियों के खिलाफ अपनी नीति पर अडिग है और देश को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य अगले साल 31 मार्च तक देश को नक्सलवाद से मुक्त कराना है।
आगे की कार्रवाई:
सुरक्षा बल छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अपनी कार्रवाई जारी रखेंगे। सरकार नक्सलियों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित कर रही है और उन्हें पुनर्वास के लिए सभी आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है।
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