नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट 'ग्रोक' के विवादित जवाबों को लेकर भारतीय सरकार ने एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) को नोटिस भेजा है। सरकार ने 'ग्रोक' द्वारा हिंदी अपशब्दों और अपमानजनक भाषा के इस्तेमाल पर गंभीर चिंता जताई है।
सरकारी हस्तक्षेप और जाँच
सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय 'X' के साथ संपर्क में है और 'ग्रोक' द्वारा हिंदी अपशब्दों के इस्तेमाल की जाँच कर रहा है। सरकार ने 'X' से 'ग्रोक' द्वारा दिए गए जवाबों और चैटबॉट को प्रशिक्षित करने के लिए इस्तेमाल किए गए डेटा के बारे में स्पष्टीकरण मांगा है।
'ग्रोक' के बेधड़क जवाब और वायरल घटनाएं
'ग्रोक' ने 'X' प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं को दिए गए बेधड़क और अनियंत्रित जवाबों के कारण भारत में लोकप्रियता हासिल की है।
- घटना 1: एक उपयोगकर्ता ने 'ग्रोक' से उनके "10 सबसे अच्छे दोस्तों" की सूची मांगी, जिसके जवाब में 'ग्रोक' ने देरी से हिंदी में अपशब्दों से भरा जवाब दिया। इस जवाब में उपयोगकर्ता द्वारा इस्तेमाल किए गए मूल अपशब्द भी शामिल थे।
- घटना 2: जब एक उपयोगकर्ता ने 'ग्रोक' की तुलना चैटजीपीटी से की और अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल किया, तो 'ग्रोक' ने बचाव करते हुए "बेधड़क, इंसानों जैसे हास्य" में अपनी श्रेष्ठता का दावा किया और बदले में अपमानजनक टिप्पणियां कीं।
'ग्रोक 3' AI मॉडल
'ग्रोक 2' का एक अधिक उन्नत संस्करण, 'ग्रोक 3', पिछले महीने ही जारी किया गया था, जबकि इसका लॉन्च 2024 के अंत में होने की उम्मीद थी।
प्रतिक्रियाएँ और बहस
'ग्रोक' के बेधड़क जवाबों ने उपयोगकर्ताओं को चौंका दिया है और AI के भविष्य को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। कई लोग AI के इस तरह के जवाबों से अचंभित हैं और इस पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं। इस प्रकार की भाषा के इस्तेमाल से AI के गलत इस्तेमाल होने की संभावना बढ़ जाती है।
सरकार की चेतावनी
सरकार ने 'X' को स्पष्ट रूप से कहा है कि इस प्रकार के जवाबों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अगर इस पर जल्द ही नियंत्रण नहीं किया गया तो सख्त कदम उठाए जाएंगे। सरकार ने AI कंपनियों को यह भी चेतावनी दी है कि वे अपने AI मॉडल को इस प्रकार से प्रशिक्षित करें कि वे सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों का सम्मान करें।
आगे की कार्रवाई
सरकार ने 'X' से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और इस मामले की गंभीरता से जाँच करने का निर्णय लिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
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