गुजरात के जामनगर क्षेत्र में क्रैश हुए जगुआर फाइटर जेट विमान में रेवाड़ी जिले के गांव माजरा भालखी निवासी फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव शहीद हो गए। शुक्रवार को सिद्धार्थ यादव का पार्थिव शरीर सैन्य सम्मान के साथ गांव माजरा भालखी पहुंचा जहां वीर सपूत को पूर्व मंत्री डॉ. बनवारी लाल, बावल से विधायक डॉ. कृष्ण कुमार, एसडीएम रेवाड़ी सुरेंद्र सिंह व डीएसपी जोगेंद्र शर्मा, जिला परिषद चेयरमैन मनोज यादव सहित अन्य गणमान्य लोगों ने पुष्पचक्र अर्पित कर नमन किया और अपनी श्रद्धांजलि दी।
फ्लाइट लेफ्टिनेंट शहीद सिद्धार्थ यादव की शहादत पर मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने शोक जताया। उन्होंने अपने शोक सन्देश में कहा कि भारत मां के महान सपूत के बलिदान पर हम सबको गर्व है। उन्होंने कहा कि देश के ऊपर सर्वस्व न्योछावर करने वाले ऐसे वीर सपूत को मेरा नमन है। सिद्धार्थ की अंतिम यात्रा के दौरान पूर्व मंत्री डॉ बनवारी लाल व बावल विधायक डॉ कृष्ण कुमार ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाई।
शुक्रवार की सुबह रेवाड़ी सेक्टर 18 निवास पर शहीद का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिये पहुंचा जहां क्षेत्रवासियों ने वीर शहीद की शहादत को सलाम करते हुए नमन किया । उसके उपरांत सैन्य सम्मान के साथ सेक्टर 18 रेवाड़ी से पैतृक गांव माजरा भालखी के लिए भारत माता के जय कारों के साथ हजारों नम आंखों ने अंत्येष्टि में शामिल होकर जिला के वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
गौरतलब है कि शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट सिद्धार्थ यादव का जगुआर विमान गुजरात के जामनगर में प्रैक्टिस मिशन के दौरान उड़ान भरने के बाद सिटी के करीब 12 किलोमीटर दूर सुवरदा गांव के मैदान में क्रैश हो गया। प्लेन में सिद्धार्थ के साथ मनोज कुमार भी साथ थे जिन्हें हादसे के साथ ही सिद्धार्थ ने पहले ही एक्जिट करवा दिया और खुद आबादी से दूर ले गए और क्रैश हुए विमान में वीर गति को प्राप्त हुए। सिद्धार्थ यादव के पिता सुशील यादव जो वायु सेना में सेवाएं दे चुके हैं, ने अपने बेटे की शहादत को नमन करते हुए गर्व की अनुभूति होने की बात कही।
गांव में सिद्धार्थ यादव को भाजपा नेता डॉक्टर अरविंद यादव, जीतू चेयरमैन, यशु चेयरमैन, सुभाष यादव ढाणी शोभा, सरपंच रविंद्र हाथी, सरपंच नरेश यादव नरू रामपुरा, रवि यादव गोठड़ा, समाजसेवी दिनेश टीट, प्रदीप ठेकेदार नारायणपुर, मास्टर नरेंद्र यादव न्यू इरा, अशोक यादव केंब्रिज स्कूल,, सत्यपाल दहिया बसंत स्कूल, जितेंद्र हेडमास्टर अहरोद व अन्य क्षेत्रवासियों सहित हजारों नम आंखों ने अंतिम विदाई दी।
0 comments:
एक टिप्पणी भेजें